Tuesday, February 13, 2018

हे शिव-महेश्वर-शम्भु-शंकर तुम करो अब ताण्डव...


हे शिव-महेश्वर-शम्भु-शंकर
तुम करो अब ताण्डव,
पाप अपने चरम पर है
तुम करो अब ताण्डव,..

व्याप्त है चहुंओर भय
अतिक्रूरता-आतंकवाद,
पशु-पक्षि भी सहमे हुए
प्रभु करो अब ताण्डव,..

यम-नियम और धर्म पर
पाखंड भारी पड़ रहा,
सच के ऊपर झूठ और
छल-छंद का रंग चढ़ रहा,
तुम सृष्टि का परिमार्जन हो
इसलिये करो अब ताण्डव,..

नव-कल्पना, परिकल्पना
नव प्रकृति को आकार दो,
नव आत्मा - परमात्मा
नव धर्म - नव संसार दो,
नव शून्य - नूतन वायु-जल हो
इसलिये करो अब ताण्डव,..

दोष सब निर्दोष और
प्राचीन अर्वाचीन कर दो,
हर हृदय को शुद्ध निर्मल
एवं देवासीन कर दो,
हे रुद्र, हों सब सत्य
'चर्चित के वचन'
अतएव करो अब ताण्डव...

सभी इष्ट मित्रों के लिये
महाशिवरात्रि की
हार्दिक शुभकामना सहित

- विशाल चर्चित

Friday, January 26, 2018

गणतंत्र दिवस पर आइये शपथ लें...



गणतंत्र दिवस के अवसर पर
आइये एक दूसरे को शुभकामना देते हुए
आइये शपथ लें कि -

अपने संविधान - तिरंगे, राष्ट्र गान और
सभी दिवंगत महापुरुषों का सम्मान करेंगे,
संविधान कि सभी धाराओं एवं नियमों का
ठीक से पालन हो इसका ध्यान रखेंगे,
अंग्रेजी लिखेंगे - पढेंगे - बोलेंगे लेकिन
मातृभाषा हिंदी का ह्रदय में
सबसे विशेष स्थान रखेंगे.......
विदेश - विदेशी तकनीक तथा
विदेशी संसाधनों का दोहन करेंगे पर
अपने देश - इसकी गरिमा का
सदैव आन - बान - शान रखेंगे.....
किसी बात पर असहमति या विरोध हो
तो धरना - प्रदर्शन - आन्दोलन करेंगे
लेकिन राष्ट्र की कोई अपूरणीय क्षति न हो
इस बात का सदैव ध्यान रखेंगे......
स्वयं की सुख - समृद्धि - उन्नति एवं
यश - कीर्ति में वृद्धि करते रहेंगे पर
सदा इससे जुड़ा हुआ अपने
राष्ट्र के विकास का अभियान रखेंगे....
सभी वर्गों, धर्मों और समाजों को
को जोड़ते हुए एकता - अखंडता और
भाईचारे को बढ़ावा देते हुए सबके चेहरों पर
अपनेपन की विशेष मुस्कान भरेंगे.......
और अगर अपने मरने से बहुतों का भला होता हो
तो हम सदैव बन्दूक की नोक पर अपनी जान रखेंगे.....

:::::::::: जय हिंद :::::::::::

Sunday, November 05, 2017

आओ बैठो न अजनबी हो क्या...


मशहूर #शायर जॉन #ऍलिया के एक शेर के एक पंक्ति
' मुझसे मिलकर उदास भी हो क्या ' पर आधारित एक तरही #गजल...

ख्वाब में आये थे वही हो क्या
आओ बैठो न अजनबी हो क्या

सिर्फ गम ही मिले हैं किस्मत से
अब मिली जाके तुम खुशी हो क्या

मौत का इन्तजार था मुझको
और तुम मेरी जिन्दगी हो क्या

बनके आये तो थे खुशी लेकिन
मुझसे मिलकर उदास भी हो क्या

भाव इतना क्यों खा रहे चर्चित
तुम ही दुनिया में आखिरी हो क्या

- #विशाल #चर्चित

Monday, October 02, 2017

दूसरों के वास्ते तुम जीना सिखा गए....

आज के दिन दो महापुरुषों महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती है.... दोनों को नमन करते हुए.... प्रस्तुत है मेरा इनके लिये लिखा गया मुक्तक....

महात्मा गांधी
:::::::::::::::::::::::::::::
जो भी था तुम्हारे पास देश पर लुटा गए
हँसते-हँसते देश के लिए ही गोली खा गए,
यूं तो सभी जीते हैं अपने - अपने वास्ते
दूसरों के वास्ते तुम जीना सिखा गए....

लाल बहादुर शास्त्री 
::::::::::::::::::::::::::::::::::::::
तख़्त-ओ-ताज पा के भी आम आदमी रहे
कोशिश की हर जगह सिर्फ सादगी रहे,
करके दिखा दिया कि मुल्क साथ आएगा
शर्त मगर एक कि ईमान लाजमी रहे.....

- VISHAAL CHARCHCHIT

Saturday, September 30, 2017

::::::::::::::: शुभ दशहरा :::::::::::::::::

////// अत्यन्त मंगलमय हो दशहरा //////

- ताकि आज के सारे रावणों का विनाश हो !!!
- ताकि धरा पर सुख - शान्ति का वास हो !!!
- ताकि कटुता व वैमन्स्य समूल नष्ट हो !!!
- ताकि दूर सदा सभी के सकल कष्ट हों !!!
- ताकि पुण्य जीत एवं पाप की हार हो !!!
- ताकि मानवता का पूर्ण सत्कार हो !!!

::::::::::::::: शुभ दशहरा :::::::::::::::::